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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी का इलाज व घरेलू उपाय
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिला को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की समसà¥à¤¯à¤¾ होना आम बात है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला काफी संवेदनशील हो जाती है, जिस कारण सरà¥à¤¦à¥€-खांसी व जà¥à¤•ाम जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती हैं। à¤à¤²à¥‡ की यह समसà¥à¤¯à¤¾ छोटी-सी लगे, लेकिन अगर इसे सही समय पर नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ न किया जाà¤, तो यह और बढ़ सकती है। इससे मां और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠदोनों को तकलीफ हो सकती है। साथ ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को कोई à¤à¥€ दवा खाने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप करवाना चाहिà¤à¥¤à¤¬à¤¹à¤°à¤¹à¤¾à¤², मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम व खांसी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बात करेंगे। इस लेख में हम जानेंगे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-खांसी होने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं, इसका घरेलू इलाज कà¥à¤¯à¤¾ है और कैसे इससे बचाव किया जाà¤à¥¤ इन सà¤à¥€ सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगे।
आइà¤, सबसे पहले जानते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम व खांसी किन कारणों से होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी के कारण
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• सामानà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। कई लोग मानते हैं कि ठंड के संपरà¥à¤• में आने से या ठंड में गरà¥à¤® कपड़े न पहनने से सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो जाता है, लेकिन कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ होते हैं। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लिठकई तरह के विषाणॠजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकते हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ में इसके लकà¥à¤·à¤£ अधिकतम तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक नजर आ सकते हैं। आइà¤, जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किन कारणों से सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम व खांसी होती है :
हà¥à¤¯à¥‚मन राइनो वायरस : इस तरह के कई वायरस मौजूद हैं, जो सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम का कारण हो सकते हैं। यह आमतौर पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की नाक में पाठजाते हैं। ये वायरस तेजी फैलते हैं, लेकिन किसी तरह की गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती (1)।
कोरोना वायरस : केवल छह पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤¸à¥‡ वायरस इंसान को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं, अनà¥à¤¯ वायरस जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° जानवरों में पाठजाते हैं (2)।
मानव पैरेनफà¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वायरस (à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€), à¤à¤¡à¥€à¤¨à¥‹à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤¸ और शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ वायरस (आरà¤à¤¸à¤µà¥€) : इस वायरस से हलà¥à¤•ा-सा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। यह कमजोर रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ वाले लोगों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। इंफà¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वायरस मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से à¤à¤¨1à¤à¤š1 का पà¥à¤°à¤•ार है, जो सà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨ फà¥à¤²à¥‚ का कारण बनता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£ पहचानने में देर नहीं लगती। जरा-सी सरà¥à¤¦à¥€ होने पर इसके लकà¥à¤·à¤£ तà¥à¤°à¤‚त सामने आ जाते हैं, जो कà¥à¤› दिनों के लिठबने रहते हैं। फिलहाल, हम नीचे पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ बता रहे हैं :
नाक बहना
लगातार छीकें आना
थकान महसूस होना
हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार महसूस होना (100 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट से कम तापमान)
खांसते समय कफ निकलना
गले में खराश होना
नाक बंद होना
सिर दरà¥à¤¦ होना
आइà¤, अब सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लिठघरेलू उपचारों के बारे में जानते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लिठघरेलू उपचार
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग सरà¥à¤¦à¥€, खांसी व जà¥à¤•ाम जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठसबसे पहले घरेलू उपचार करना ही पसंद करते हैं। आपको घर में à¤à¤¸à¥€ कई गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ वाली चीजें मिल जाà¤à¤‚गी, जो इस बीमारी में काफी फायदा पहà¥à¤‚चा सकती हैं। नीचे हम आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और सूखी खांसी से राहत पाने के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार बता रहे हैं :
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल लें : सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से आपकी à¤à¥‚ख पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपके शरीर में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ और पानी की कमी न हो, उसके लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तरल चीजों का सेवन करें। आप ताजे फलों का रस, सूप और शोरबा पी सकती हैं। तरल पदारà¥à¤¥ कफ को निकालने में मदद करेंगे। आप दिन में आठसे 10 गिलास पानी जरूर पिà¤à¤‚।
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें खाà¤à¤‚ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर पड़ जाती है, जिस कारण सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने लगता है। इसलिà¤, इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को मजबूत करने के लिठआपको पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें खानी चाहिà¤à¥¤ आप अपने खानपान में हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, टमाटर, पालक व फल जरूर शामिल करें, जिससे आपको à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट मिले और रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित हो। आपको बता दें कि à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित होती है, जो इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ से लड़ने में मदद करते हैं (3)। कà¥à¤› à¤à¥€ हो, आप खाना-पीना बंद बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें। आप दिनà¤à¤° में तीन बार खाने की जगह छह बार में खाà¤à¤‚।
आराम करें : सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करना जरूरी है। आप जितना सोà¤à¤‚गी, जितना आराम करेंगी, उतनी ही जलà¥à¤¦à¥€ इस बीमारी से राहत मिलेगी। साथ बेडरेसà¥à¤Ÿ करने से यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ परिवार के दूसरे लोगों में नहीं फैल पाता है।
अपने सिर को ऊपर रखें : लेटते समय अपने सिर को ऊंचा रखें। इसके लिठआप सिर के नीचे तकिये लगा सकती हैं। इससे आपको सांस लेने में आसानी होगी।
गरà¥à¤® सिकाई करें : सरà¥à¤¦à¥€ की वजह से आपकी नाक बंद हो सकती है। इससे सिर दरà¥à¤¦ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में आप गरà¥à¤® कपड़े से सिर की सिकाई करें। आपको राहत मिलेगी (4)।
à¤à¤¾à¤‚प लें : जà¥à¤•ाम की वजह से नाक बंद होने के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है। à¤à¤¸à¥‡ में आप गरà¥à¤® पानी से à¤à¤¾à¤‚प लें। बंद नाक से आपको राहत मिलेगी और आप ठीक से सांस ले पाà¤à¤‚गी। आप गरà¥à¤® पानी में यूकेलिपà¥à¤Ÿà¤¸ तेल की कà¥à¤› बूंदें डालें और सिर को तौलिये à¤à¤¸à¥‡ ढकें कि à¤à¤¾à¤ª बाहर न जा सके। फिर à¤à¤¾à¤ª के ऊपर मà¥à¤‚ह ले जाकर गहरी सांस लेने की कोशिश करें। इस दौरान अपनी आंखें बंद रखें।
नींबू का रस और शहद : गले में खराश से राहत पाने के लिठयह बेहतरीन उपाय है। इसके लिठआप à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद और थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाà¤à¤‚ और धीरे-धीरे करके इस पानी को पिà¤à¤‚।
ताजा लहसà¥à¤¨ खाà¤à¤‚ : लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ होते हैं (5), जो वायरस को खतà¥à¤® करने में मदद करते हैं। आप रोजाना लहसà¥à¤¨ की à¤à¤• कली खा सकती हैं।
घरेलू उपचार जानने के बाद हम बात करेंगे सूखी खांसी और सामानà¥à¤¯ खांसी की।
सूखी खांसी और सामानà¥à¤¯ खांसी के बीच अंतर कà¥à¤¯à¤¾ है?
सूखी खांसी और सामानà¥à¤¯ खांसी के बीच केवल यही अंतर है कि सूखी खांसी में बलगम नहीं आता और सामानà¥à¤¯ खांसी में खांसते समय बलगम आता है। सूखी खांसी नाक और गले में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण हो सकती है। सूखी खांसी होने पर आपको à¤à¤¸à¤¾ महसूस हो सकता है कि आपके गले में कà¥à¤› फंसा हà¥à¤† है। वहीं, सामानà¥à¤¯ खांसी में फेफड़ों में बलगम जम जाता है, जो खांसते समय मà¥à¤‚ह से बाहर आता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सूखी खांसी के कारण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सूखी खांसी कई कारणों से हो सकती है। नीचे हम इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताने जा रहे हैं :
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ : जिस गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को किसी खाने की चीज से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उसके सेवन से सूखी खांसी हो सकती है। जैसे ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ वाली चीज खाà¤à¤—ी, तो उसे सांस लेने में तकलीफ होगी और खांसी होने लगेगी।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ : अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो à¤à¥€ खांसी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚कोसà¥à¤ªà¤¾à¤œà¥à¤® : जिन महिलाओं को पहले से बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सूखी खांसी हो सकती है। बà¥à¤°à¥‹à¤‚कोसà¥à¤ªà¤¾à¤¸à¥à¤® किसी कीड़े के काटने या किसी खाने की चीज से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने से à¤à¥€ हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में राइनाइटिस : यह à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है, जो सिरà¥à¤« गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को होती है, जिस कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खांसी होने लगती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है, जिस कारण कà¤à¥€-कà¤à¥€ नाक की शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤® à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में सूजन आ जाती है। इस कारण गला बैठसकता है और सूखी खांसी हो सकती है (6)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सूखी खांसी के लिठघरेलू उपचार
आप कà¥à¤› घरेलू उपाय अपनाकर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान सूखी खांसी से राहत पा सकते हैं। जानिठकà¥à¤¯à¤¾ हैं, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सूखी खांसी के घरेलू उपचार :
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद : अचà¥à¤›à¥€ नींद कई बीमारियों का इलाज है। अगर आपको सूखी खांसी है, तो जितना हो सके आराम करें और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद लें।
नींबू : नींबू पर थोड़ा-सा काली मिरà¥à¤š का पाउडर डालकर चाटने से आपको सूखी खांसी से राहत मिल सकती है।
अदरक : खाने के साथ अदरक के à¤à¤•-दो टà¥à¤•ड़े खाना आपके लिठफायदेमंद हो सकता हैं।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ और शहद : तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ पीसकर इसमें शहद मिलाà¤à¤‚ और इस पेसà¥à¤Ÿ को खाà¤à¤‚। सूखी खांसी से राहत पाने के लिठइसका रोजाना सेवन करें।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ और शहद : पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस में थोड़ा-सा शहद मिलाà¤à¤‚ और इसका सेवन करें। सूखी खांसी से राहत मिलेगी।
संतरे का जूस : संतरे का जूस à¤à¥€ सूखी खांसी से राहत दिलाने में मदद करता है। इसमें विटामिन-सी होता है, जो आपकी रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाता है।
नींबू और गरà¥à¤® पानी : अगर आपको सूखी खांसी से राहत नहीं मिल रही है, तो आप गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिà¤à¤‚। इससे आपको राहत मिलेगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी के लिठदवाà¤à¤‚ | Pregnancy Me Khasi Medicine
यूं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की दवा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° नहीं देते, लेकिन अगर समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है, तो कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ आपको दी जा सकती हैं। साथ ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में कोई à¤à¥€ दवा या सीरप नहीं देना चाहिà¤à¥¤ इससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और कंजेनिटल अनोमालीज होने की आशंका रहती है। आइà¤, कà¥à¤› दवाओं के बारे में जानते हैं (7):
à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨, यह दवाई सरà¥à¤¦à¥€ के कारण होने वाले बà¥à¤–ार में दी जा सकती है (8)।
सूडोफेडà¥à¤°à¥€à¤¨ (9)।
लोरैटैडाइन।
मेंथोल या नॉन मेंथोल वाला कफ सिरप।
इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° विकà¥à¤¸ वेपोरब लगाने और गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नमक डालकर गरारे करने की सलाह à¤à¥€ दे सकते हैं।
नोट : धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हर महिला की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अलग-अलग हो सकती है। इसलिà¤, आप अपनी मरà¥à¤œà¥€ से कà¤à¥€ कोई दवाई न लें। हमेशा डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से ही दवा खाà¤à¤‚।
आइà¤, अब जानते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी से कैसे बचाव किया जा सकता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी से बचाव
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® कमजोर होने के कारण वायरस जलà¥à¤¦à¥€ पकड़ लेता है और सरà¥à¤¦à¥€-खांसी हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में आप शà¥à¤°à¥‚ से ही कà¥à¤› सावधानी रखेंगी, तो इससे बचा जा सकता है। नीचे हम पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और खांसी से बचाव के कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ दे रहे हैं :
साफ-सफाई बनाठरखें : हवा के जरिठफैलने वाली खांसी व जà¥à¤•ाम के लिठराइनोवायरस जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होते हैं। यह न फैले, इसके लिठआपको साफ-सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होगा। आप कà¥à¤› à¤à¥€ खाने से पहले और खाने के बाद अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह जरूर धोà¤à¤‚।
फà¥à¤²à¥‚ वैकà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ : आप फà¥à¤²à¥‚ और सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से बचने के लिठटीके à¤à¥€ लगवा सकते हैं। इंफà¥à¤²à¥à¤à¤‚जा वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ अब नियमित रूप से महिला को दी जाती है। यह महिला और 6 माह तक के शिशॠको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखती है (10)।
हैंड सैनिटाइजर : जब आप बाहर जा रही हों, तो हमेशा अपने साथ हैंड सेनेटाइजर रखें। हो सकता है आपको कहीं हाथ धोने का मौका न मिल पाà¤, à¤à¤¸à¥‡ में हैंड सैनिटाइजर आपके काम आ सकता है। इसमें मौजूद à¤à¤²à¥à¤•ोहल सरà¥à¤¦à¥€-खांसी फैलाने वाले वायरस को फैलने से रोकता है।
मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाना चाहिà¤?
यूं तो हलà¥à¤•ा-सा सरà¥à¤¦à¥€ जà¥à¤•ाम घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों से ही ठीक हो जाता है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी तरह का जोखिम लेना ठीक नहीं, इसलिठआप इस समसà¥à¤¯à¤¾ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने का इंतजार न करें। अगर आपको लगे कि आपकी à¤à¥‚ख कम हो रही है, इस वजह से आप ठीक से सो नहीं पा रही हैं और लगातार कà¥à¤› दिनों यह समसà¥à¤¯à¤¾ बनी हà¥à¤ˆ है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने में देरी न करें।
इसके अलावा, अगर सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम में शरीर का तापमान 102 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट यानी 100 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने लगे, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। इसके अलावा, अगर आपको खांसते समय सीने में दरà¥à¤¦ या रंगहीन कफ निकले, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जरूर जाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤‚टीबायोटिक दवा दे सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सूखी खांसी बेबी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगी?
नहीं, सूखी खांसी गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करती। इससे सिरà¥à¤« रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर पड़ती है, जो सिरà¥à¤« मां को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा से शिशॠको पूरी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है, लेकिन अगर इसका सही समय पर इलाज न कराया गया, तो इससे शिशॠके विकास में बाधा आ सकती है। सावधानी के तौर पर आप नियमित रूप से अपना चेकअप कराती रहें और शिशॠके विकास पर नजर बनाठरखें।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खांसी-जà¥à¤•ाम की सामानà¥à¤¯ दवाई लेना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना खà¥à¤¦ से कोई à¤à¥€ दवाई न लें। खांसी-जà¥à¤•ाम की कोई à¤à¥€ दवाई लेने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें। सरà¥à¤¦à¥€-खांसी की दवाओं में à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤µ हो सकते हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं। कà¥à¤› दवाओं में तो à¤à¤²à¥à¤•ोहल à¤à¥€ होता है, जिससे शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚च सकता है।
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